Prostatitis और उसका समाधान
आजकल की भागदौड़ भरी life style के चलते युवा भी कई disease की गिरफ्त में आ रहे हैं, युवावर्ग life style को लेकर काफी लापरवाह रहते हैं जिससे उन्हें कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, एसी ही एक समस्या है जो prostate gland (पौरुष ग्रंथि) से संबंधित है, इस समस्या का नाम है prostatitis जो कि युवाओं में आम हो गई है जो कि उचित आहार विहार और आचार के न होने से हो रही है, इसके लक्षण, कारण औउपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Prostatitis के लक्षण -
बार बार पेशाब जाना पड़ता है, खुल के पेशाब नहीं होता है, गति कम हो जाती है, पेशाब में जलन होती है, मैथुन में जलन हो सकती है और प्रोस्टेट ग्लैंड में वृद्धि हो जाती है।
Prostatitis के कारण -
मैथुन के बाद तुरंत पेशाब जाने से पेशाब डक्स के थ्रू प्रोस्टेट ग्लैंड में चला जाता है जिससे prostatitis हो जाता है, अतः मैथुन करने के दस मिनट बाद ही पेशाब करने जाएं।
एनल मैथुन करने से भी prostatitis हो सकता है, बिना कंडोम के सेक्स करने से भी यह हो सकता है, लंबी दूरी की बाइक चलाने से, psychological stress से भी prostatitis के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
उपाय -
1) अल्कोहल, काॅफी, डार्क चाकलेट और एसीडीक भोजन से बचें, फ्रूट्स और वेजिटेबल्स का सेवन करें जैसे - लौकी, पालक, शिमला मिर्च आदि
2) दो बड़ी काबली हरड़ काटकर रात भर पानी में भिगो दें, प्रातः हरड़ के बीज निकालकर हटा दें और हरड़ को चबा चबा कर खा लें और वह पानी भी पी लें। नियमित सेवन करने से धीरे - धीरे बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्लैंड सामान्य होने लगती है। अवश्य ही लाभ मिलेगा।
3) एक्यूप्रेशर - हथेली के बीच में अंगूठे से दबाने से भी इस रोग में काफी लाभ मिलता है।
4) प्राणायाम - कपालभाति, भस्रिका,अनुलोम विलोम, भ्रामरी, उद्गीत प्राणायाम करें ।
सावधानी - यहाँ बताए गए उपाय केवल जानकारी के लिए दिए गए हैं, यह संपूर्ण चिकित्सा नहीं है, इन उपायों का प्रयोग करने से पहले चिकित्सक से अवश्य परामर्श कर लें।

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