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कर्म

  कर्म भगवत गीता में  भगवान श्री कृष्ण कहते कि फल की चिंता ना करें क्योंकि  फल तुम्हारे अधिकार में नहीं तो भगवान यहां यह नहीं कह रहे हैं कि फल के बारे में सोचना ही नहीं है बल्कि वह कह रहे हैं  कि फल की चिंता नहीं करनी है यदि फल की चिंता करोगे तो तुम फल की चिंता में उलझ जाओगे फिर तुम जो भी कर्म करोगे उसमें पूरी तरह से डूब नहीं पाओगे और जब उस कर्म में डूब नहीं पाओगे तो उस कर्म का आनंद नहीं ले पाओगे और जब कर्म में आनंद नहीं आएगा तो वह कर्म सफल कैसे होगा इसलिए कहा गया है कि कर्म करें फल की चिंता ना करें क्योंकि यदि फल की चिंता ना करोगे तब तुम सिर्फ कर्म करोगे और उस कर्म में सफलता भी अवश्य मिलेगी।
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जीवन को होशपूर्वक जीएं

          जीवन को होशपूर्वक जीएं  हम जीवन में सभी कार्य बस यूं ही करते जाते हैं यंत्र की भांति हमें पता ही नहीं होता कि हम वह कार्य क्यों कर रहे हैं, उसको करने का उद्देश्य क्या है हमें नहीं पता होता,  कोई हमसे कहता है कि यह कार्य कर लो क्योंकि सभी लोग यही कार्य कर रहे हैं अतः तुम भी यही करो, बिना यह जाने कि उस व्यक्ति की इसमें रूचि है भी कि नहीं वह इस कार्य को लंबे समय तक कर भी पाएगा कि नहीं और आप भी चुपचाप उस कार्य को करने लग जाते हैं, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि होश की कमी है यदि होश होता तब थोड़े आप चुपचाप मान लेते। हम जीवन में सभी कार्य बस यूं ही करते जाते हैं यंत्र की भांति हमें पता ही नहीं होता कि हम वह कार्य क्यों कर रहे हैं, उसको करने का उद्देश्य क्या है हमें नहीं पता होता,  कोई हमसे कहता है कि यह कार्य कर लो क्योंकि सभी लोग यही कार्य कर रहे हैं अतः तुम भी यही करो, बिना यह जाने कि उस व्यक्ति की इसमें रूचि है भी कि नहीं वह इस कार्य को लंबे समय तक कर भी पाएगा कि नहीं और आप भी चुपचाप उस कार्य को करने लग जाते हैं, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि होश क...

Success : You can achieve it easily.

Success : You can achieve it easily.  Friends Offenly we think that Success is a struggle but Success is not a struggle Success is a journey in which we need to flow naturally no need to fight for anything. Makes Life Saral  In beginning of this journey we have nothing to lose but only to getting because we have nothing as our hands are empty, so no need to worry anything else in the beginning. But in beginning we need to careful because there have some danger in the beginning of this journey - first danger is that we don't take first step and do delay for tomorrow and tomorrow and so on and second danger is that we trying to fight with everything for success, no no need to fight to anything and everything we have just need to flow naturally like swimming in the direction of river flow not opposite of the river flow.

अनंत अंबानी रोल्स रॉयस कलिनन में पहुँचे दूबई माॅल साथ में 20 सुरक्षा कारों का घेरा

 शादी की खरीदारी? अनंत अंबानी रोल्स रॉयस कलिनन में पहुँचे दूबई माॅल साथ में 20 सुरक्षा कारों का घेरा शादी की खरीदारी? रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी को हाल ही में दुबई में शॉपिंग करते देखा गया। अनंत अंबानी 20 सुरक्षा कारों के साथ कड़ी सुरक्षा में रोल्स रॉयस कलिनन में दुबई के एक प्रसिद्ध मॉल पहुंचे  पिछले महीने गुजरात के जामनगर में हुए उनके विवाह-पूर्व समारोह के कारण अनंत अंबानी पहले से ही चर्चा का विषय बने हुए हैं उनकी शादी में अब बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं, जिसके कारण वह नीता अंबानी के साथ शाॅपिंग करने दुबई पहुँचे, अब उनकी शाॅपिंग भी वायरल हो रही है । वे दुबई के एक प्रसिद्ध मॉल में नारंगी रंग की रोल्स रॉयस कलिनन ब्लैक बैज में पहुँचे थे और वे कड़ी सुरक्षा में थे,  उनकी यह वीडियो क्लिप इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है.  दुबई में है अंबानी का आलीशान विला क्या आपको मालूम है कि अनंत अंबानी ने 2022 में दुबई में 665 डॉलर की कीमत का एक समुद्र तट विला खरीदा। उत्तरी पाम जुमेराह में स्थित इस आलीशान विला में 10 बेडरूम, एक निजी स्पा और दो स्विमिंग...

जीवन क्या है? What is life

 जीवन क्या है?  (What is life)  हम जो जीवन जी रहे हैं क्या ये जीवन है, हम जो कार्य कररहे हैं, खा रहे हैं, उठ रहे हैं, चल रहे हैं, बात कर रहे हैं, व्यवसाय कर रहे हैं, क्या ये जीवन है, नहीं ये जीवन नहीं है।  तो फिर जीवन क्या है? (what is life)  समझें, यदि आप एक छोटे से मकान में रह रहे हैं और चटनी रोटी खा रहे हैं तो भले ही आप गरीबी में जी रहे हैं लेकिन आप भीतर से प्रसन्न है, आनंदित है और आप स्वयं को गरीब भी नही मानते तब आप गरीब नहीं है, यही आपका जीवन है, दूसरी ओर एक अमीर व्यक्ति है  जो सभी सुख सुविधाओं से युक्त है उसके पास तमाम तरह के भोग साधन हैं, तरह तरह के व्यंजन है किंतु फिर भी वह बेचैन और दुःखी है तो ये उसका जीवन है, यही उसका वास्तविक जीवन है।  इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी परिस्थिति क्या है, फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि आप कैसा महसूस करते हैं, क्योंकि किसी क्षण में आप जिस भाव में होते हैं, आप वही होते हैं और वही आपका जीवन है, यदि आप शांत मन से इस बात पर विचार करेंगे तो आप सहजता से इस बात को समझ पायेंगे. विचार करें जब आप किसी दुःख में होत...

Prostatitis और उसका समाधान

  Prostatitis और उसका समाधान   आजकल की भागदौड़ भरी life style के चलते युवा भी कई disease की गिरफ्त में आ रहे हैं, युवावर्ग life style को लेकर काफी लापरवाह रहते हैं जिससे उन्हें कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, एसी ही एक समस्या है जो prostate gland (पौरुष ग्रंथि) से संबंधित है, इस समस्या का नाम है prostatitis  जो कि युवाओं में आम हो गई है जो कि उचित आहार विहार और आचार के न होने से हो रही है, इसके लक्षण, कारण औउपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं।  Prostatitis के लक्षण -  बार बार पेशाब जाना पड़ता है, खुल के पेशाब नहीं होता है,  गति कम हो जाती है, पेशाब में जलन होती है, मैथुन में जलन हो सकती है और प्रोस्टेट ग्लैंड में वृद्धि हो जाती है।  Prostatitis के कारण -  मैथुन के बाद तुरंत पेशाब जाने से पेशाब डक्स के थ्रू प्रोस्टेट ग्लैंड में चला जाता है जिससे prostatitis हो जाता है, अतः मैथुन करने के दस मिनट बाद ही पेशाब करने जाएं।  एनल मैथुन करने से भी prostatitis हो सकता है, बिना कंडोम के सेक्स करने से भी यह हो सकता है, लंबी द...

Success : You can achieve it easily.

  Success : You can achieve it easily.    Success is not a struggle Success is a journey in which we need to flow naturally no need to fight for anything. In beginning of this journey we have nothing to lose but only to getting because we have nothing as our hands are empty, so no need to worry anything else in the beginning. But in beginning we need to careful because there have some danger in the beginning of this journey - first danger is that we don't take first step and do delay for tomorrow and tomorrow and so on and second danger is that we trying to fight with everything for success, no no need to fight to anything and everything we have just need to flow naturally like swimming in the direction of river flow not opposite of the river flow.

Why today's children not obeying Parents"

 "Why today's children not        obeying Parents" We Offenly think that our children is innocent they don't understand if we doing something careless or wrong, off course they don't clearly understand what you are doing but they are acquire the body sign and feelings of that action so be careful and alert when you react before your children because your children are an empty pot so he is receptive to anything when you react anything.  That's why today's children acquired bad manner and going to wrong way because they have not filled with good stuff in their childhood. They have react according that stuff which they have acquired their inside.

क्या अमरूद और केला साथ में खाना चाहिए?

 क्या अमरूद और केला साथ में खाना चाहिए? अक्सर हम दो या दो से अधिक फलों को मिलाकर फ्रूट चाट बनाकर बड़े ही चाव से खाते हैं, लेकिन ये स्वास्थ्य के लिए बिलकुल भी सही नहीं है, ऐसा करने से आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, आज जानते हैं अमरूद और केला के बारे में - 1) अमरूद और केला  इन दोनों को साथ में खाते से अम्लरक्तता, मिचली आना,पेट में गैस, सिरदर्द रहना जैसी समस्याएं हो सकती है   केले के साथ क्य न खाएं -  (i)संतरा न खाएं क्योंकि खट्टे फल मीठे फल से मिलने वाली शर्करा के पाचन में रुकावट पैदा करता है ।इससे गैस और अपच हो सकती है।  (ii)दही न खाएं क्योंकि केले और दही की तासीर में भिन्नता होती है,केला और दही साथ में खाने से पाचन संबंधी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती है।

कृष्ण जन्माष्टमी 2023 कब है?

            कृष्ण जन्माष्टमी 2023 कब है?   श्री कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, इस बार की कृष्ण जन्माष्टमी में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है जो कि अतिशुभ है,आइए जानते हैं कि हम श्री कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाते हैं, किस समय कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा की जा सकती है व शुभ मुहूर्त क्या है  -              श्री कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाते हैं?                        भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी  नक्षत्र में भगवान विष्णु ने श्री कृष्ण के रूप में पृथ्वी पर अवतार लिया था, अतः श्री कृष्ण के अवतरण दिवस के रूप में इस दिन को मनाया जाता है, इस दिन श्री कृष्ण के बालस्वरूप लड्डू गोपाल की मूर्ति की पूजा करना शुभकारी होता है, वैसे तो लड्डू गोपल की सोने, चांदी या पीतल की मूर्ति की पूजा की जा सकती है, किन्तु यदि मूर्ति अष्टधातु की हो तो अधिक लाभप्रद रहता है.      ...