Skip to main content

मन का पर्दा Man Ka Parda in Hindi

Article On Man in Hindi -" मन का पर्दा
अक्सर हम बाह्य चीज़ों का भिन्न-भिन्न तरीकों से आकलन करते रहते हैं, क्योंकि हमारा मन भिन्न-भिन्न विचारों (thoughts)से भरा हुआ है, इसलिए हम किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाते हैं, हम कन्फ्यूज हो जाते हैं, ऐसी स्थिति में हम चीज़ों को उस रुप में नहीं देख पाते हैं,जैसी वह वास्तव में है .इसलिए हमें मन(man)को योग की अवस्था में स्थिर करना होगा, तभी हम चीज़ों को उसके वास्तविक रूप में देख पाएंगे . सद्गुरु जग्गी वासुदेव कहते हैं -पतंजलि ने योग की बहुत ही आसान और टेक्निकल परिभाषा(technical definition) दी। जब लोगों ने पूछा, ‘योग क्या है?’ तो उन्होंने जवाब दिया, ‘चित्त वृत्ति निरोध:’। जिसका मतलब है कि जब मन के भीतर के सारे बदलाव खत्म हो जाएं तो वही योग है। तभी आप हर चीज को ठीक वैसा ही देखेंगे, जैसी वह है। अगर आप हर चीज को उसी रूप में देखें, जैसी वह है, तो आपको इस सृष्टि के साथ भी एकात्मकता दिखाई देगी। सद्गुरु आगे कहते हैं- हालांकि यह एक आसान सी चीज है, लेकिन यह जटिल बन गई है, क्योंकि आप अपने विचार, सोच, राय व पहचान से बंधे हुए हैं। कुछ समय के लिए इन चीजों को एक तरफ रख दीजिए, ताकि आपका मन ‘चित्त वृत्ति निरोध:’ की स्थिति में आ सके। इसका मतलब है कि आपके मन में कोई बदलाव नहीं चल रहा। आपका मन विभेदकारी नहीं है, जिसमें किसी चीज को देखते ही एक पल में हजारों चीजें आने लगती हैं। यह आपको बिना किसी पूर्वाग्रह, बिना किसी पिछली याद से प्रभावित हुए, बिना कार्मिक व अनुवांशिक प्रभावों के, बिना किसी चीज को पहचाने- चीजों को जैसे का तैसा दिखाता है। जब तक आप इस स्थिति में नहीं पहुंच जाते, तब तक बेहतर होगा कि आप हर चीज को सम्मान के साथ देखें। इसीलिए इस संस्कृति में हम आपको सिखाते हैं कि अगर आप एक पेड़ को भी देखें तो उसे नमस्कार करें, अगर आप किसी गाय को देखें तो उसे नमस्कार करें, अगर किसी हाथी को देखें तो नमस्कार करें, आप किसी भी चीज को देखें तो उसे नमस्कार करें, यहां तक कि अगर आप किसी पत्थर को भी देखें तो उसे नमस्कार करें। हर चीज को सम्मान के साथ देखें।





Pradeep Aswal , #makeslifesaral.com

Comments

Popular posts from this blog

Shorthand English

Shorthand(Stenography):Career and Scope in Hindi. दोस्तों अक्सर हम career को लेकर confuse रहते हैं, क्या हम इंजीनियरिंग फील्ड में जाएं या डॅाक्टरी में या वकालत अच्छी रहेगी या फिर मीडिया का फील्ड, हमारे मन में सवाल बहुत से होते हैं लेकिन उतर नहीं मिलता, हम एक ऐसा Career चुनना चाहते हैं जो आसान भी हो और जिसमें संभावनाएं भी अपार हो, दोस्तों आज हम आपको ऐसे ही एक Course के बारे में बताते हैं,जिसमें बहुत सी संभावनाएं और इसे आप आसानी से सीख सकते हैं।आपको बताते हैं वह Course क्या है उस कोर्स का नाम क्या है ? उस कोर्स का नाम है 👉 Shorthand(stenography) जी हाँ यही वह कोर्स है जिसको करने के बाद आपकी Job पकी हो सकती है। आपके मन में सवाल उठ रहे होंगे कि Shorthand किस तरह का Course है और यह कैसे किया जा सकता है, इसमें कौन-कौन सी जॅाब उपलब्ध है? What is Shorthand(Stenography) in hindi दोस्तों, First of all आपको बताते हैं कि Shorthand क्या है? Shorthand एक विशेष language है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा कही गई बात को विशेष symbol द्वारा कम से कम समय में लिखा जाता है,...

' एक भिखारिन की ममता ' Ek Bhikharin ki Mamta '

रमाकली एक बूढ़ी(old) गरीब महिला है, उसका इस दुनिया में कोई नहीं है, वह घूम-घूम कर भीख मांगती है और उसी से अपना गुजारा करती है, जो पैसे मिलते हैं, उसी से भोजन का इंतजाम करती है और कुछ पैसे बचा भी लेती है, बचे हुए पैसे वह अपने एक पुराने से बक्से में जमा कर देती है, एक दिन की बात है, वह भीख मांगकर अपनी झोपड़ी की तरफ वापस जा रही थी, तभी उसे एक बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी, उसने देखा सड़क के किनारे एक मासूम बच्चा खड़ा है, जो जोर-जोर से रो रहा था, वह बूढ़ी उसके पास गई और सर पर हाथ फेरकर चुप कराया उसे बच्चे पर दया आ गई और उसे गोद में उठाकर अपनी झोपड़ीनुमा घर में ले आई, अगले दिन उसने बच्चे को नहलाकर उसके लिए खाना बनाया और उसे अपने हाथों से बड़े प्रेम से खिलाया, बच्चे ने भी खुशी-खुशी खाना खाया, उसका भीख मांगने का समय हो गया था, बूढ़ी रमाकली ने सोचा बच्चे को घर में अकेला छोड़ना ठीक नहीं होगा इसलिए उसने बच्चे को अपने साथ ही ले लिया, भीख मांगते -मांगते वह एक कोठी पर पहुंची, उसने गेट खटखटाया कुछ देर बाद एक कीमती साड़ी पहने एक महिला बाहर आई भीख देने के बाद उसकी नजर उस बच्चे पर पड़ी उसे देखते ही र...

अपनी आदत बदलें और स्वस्थ रहें

Change Your Life Style for Health. आधुनिक जीवन शैली लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है.  आज की जीवन शैली ऐसी है कि हम स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दे भी नहीं पाते हैं,लेकिन केवल इस कारण से अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करना क्या सही है,नहीं बिल्कुल नहीं, हम जानते है कि स्वास्थ्य ही धन है, फिर स्वास्थ्य के लिए कोई भी कीमत चुकाना बड़ी नहीं हो सकती।                           ऐसे  में लोगों  को  अपने स्वास्थ्य के बारे में पहले हीं सचेत हो जाना चाहिए, इससे पहले कि आपके खानपान या दैनिक जीवन की कोई आदत बाद में महँगी पड़े. अगर आप अभी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तो आपको किसी न किसी बीमारी का सामना करना पड़ेगा. आइए जानते हैं ऐसी कुछ छोटी-छोटी बातें जिनको ध्यान में रखकर आप सदैव स्वस्थ रह सकते हैं -(1) अधिकतर लोग जंक फूड खाना पसंद करते हैं यदि आप जंक फ़ूड का नियमित सेवन करते हैं अभी सावधान हो जाइए क्योंकि जंक फूड के सेवन से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी आती ह...

लक्ष्य से अपना ध्यान न हटायें

   "लक्ष्य से अपना ध्यान न हटायें " कुछ लोग जीवन में बहुत मेहनत करते हैं बावजूद इसके वे जीवन में सफल नहीं हो पाते हैं,इसका क्या कारण है? इसका कारण है जब काफी मेहनत कर चुके होते हैं और फिर भी सफलता हाथ नहीं लगती तब हम निराश और हताश हो जाते  हैं,फिर हम इधर-उधर देखने लगते हैं दूसरे की नकल करने लगते हैं और इस तरह से हम अपना रास्ता और लंबा कर लेते हैं और साथ ही साथ अपने गुणों को भी खो देते हैं,हमेशा ध्यान रखें कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशिष्ट गुण(talent) होता है,बस उसे हमें पहचानना होता है,लेकिन दूसरों की देखा-देखी में हम अपने उन गुणों को पहचान ही नहीं पाते।आप बहुत मेहनत कर चुके हैं, आपने काफी तैयारी भी की होगी, बहुत सी पुस्तके आपने पड़ी होगी फिर आपको निराश होने की जरुरत नही्ं, आपने अब तक जो कुछ भी सीखा है उसका सही उपयोग करके आप सफलता हासिल कर सकते हैं, तो निराशा को पीछे छोड़ आगे बढ़िए। चलिए इसे एक कहानी द्वारा समझते हैं--एक बार स्वामी विवेकानंद के पास एक आदमी आया जो बहुत उदास और परेशान था. उसने विवेकानंद से कहा की मै हर काम मन लगा के पूरी मेहनत के साथ करता हूँ.लेकि...