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Shorthand and its Career Aspects

Often we think that what career would be suitable for us, can we go for management, administration, IT, media, LLB, MBBS,Engineering, Teaching course, but there have no answer. If you want to do a simple course that place you high position, for it you can choose stenography course ,after complete this course you can get a top position. Now a days stenography is a demanding career option come in highlighted. So if you want a rewarding career then you must be choose a stenography course. First, we clarify what is stenography, its a phonetic language, in it stenographer recorded speaker speech by sound. Stenographer translate English or Hindi or other regional language into a coded language known as shorthand and then reconvert it into the original language.

Shorthand English

Shorthand(Stenography):Career and Scope in Hindi. दोस्तों अक्सर हम career को लेकर confuse रहते हैं, क्या हम इंजीनियरिंग फील्ड में जाएं या डॅाक्टरी में या वकालत अच्छी रहेगी या फिर मीडिया का फील्ड, हमारे मन में सवाल बहुत से होते हैं लेकिन उतर नहीं मिलता, हम एक ऐसा Career चुनना चाहते हैं जो आसान भी हो और जिसमें संभावनाएं भी अपार हो, दोस्तों आज हम आपको ऐसे ही एक Course के बारे में बताते हैं,जिसमें बहुत सी संभावनाएं और इसे आप आसानी से सीख सकते हैं।आपको बताते हैं वह Course क्या है उस कोर्स का नाम क्या है ? उस कोर्स का नाम है 👉 Shorthand(stenography) जी हाँ यही वह कोर्स है जिसको करने के बाद आपकी Job पकी हो सकती है। आपके मन में सवाल उठ रहे होंगे कि Shorthand किस तरह का Course है और यह कैसे किया जा सकता है, इसमें कौन-कौन सी जॅाब उपलब्ध है? What is Shorthand(Stenography) in hindi दोस्तों, First of all आपको बताते हैं कि Shorthand क्या है? Shorthand एक विशेष language है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा कही गई बात को विशेष symbol द्वारा कम से कम समय में लिखा जाता है,...

शनि देव से तिल और तेल का संबंध

  “शनि देव को तिल और तेल क्यों प्रिय है.” दोस्तों, ये बात तो हम सभी जानते हैं कि शनिवार को काले तिल और तेल शनिदेव को अर्पित किए जाते हैं, लेकिन शायद आप ये नहीं जानते होंगे कि आखिर शनिदेव को ये दोनों वस्तुएं प्रिय क्यों है, इसके पीछे एक रोचक कहानी जुड़ी हुई है, चलिए आपको बताते हैं वो कहानी क्या है, इस कहानी को ध्यान से पढ़िए और दूसरे लोगों तक भी पहुंचाइए, ऐसा करने से आपको शनिदेव की कृपा प्राप्त होगी और आपके सभी कष्ट दूर होंगे. चलिए अब कहानी की और बढ़ते हैं—हनुमान जी ने सूर्यदेव से शिक्षा प्राप्त की थी, शिक्षा पूरी होने के बाद हनुमान जी सूर्यदेव को गुरूदक्सिणा देना चाहते थे, लेकिन सूर्यदेव ने हनुमान जी को कुछ भी दिए बिना जाने के लिए कह दिया, हनुमान जी तब भी गुरु दक्षिणा देने के लिए कहते रहे. यह वह समय था जब सूर्यदेव अपने पुत्र शनि देव से परेशान रहते थे, शनिदेव अपने पिता सूर्यदेव की बात नहीं सुनते थे और दूसरे लोगों को परेशान करते रहते थे, तब सूर्यदेव ने हनुमान जी से कहा यदि तुम कुछ देना ही चाहते हो तो कुछ ऐसा करो कि शनि वापस आ जाए और वह लोगों को परेशान करना छोड़ दे, तब हनुमान जी शनि लो...

Making History by Women in hindi

"नए इतिहास बनाती महिलाएं" पिछले दिनों हमने अतंरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया, महिलाओं की उड़ान जारी है,आज महिलाएं वो कार्य कर रही है,जिनके बारे में पहले सिर्फ कल्पना ही की जाती थी. पहले महिलाओं को युद्धक भूमिकाओं में प्रवेश नहीं मिलता था, 2016 में पहली बार सरकार ने आईटीबीपी में महिलाओं को युद्ध की गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति दी, तभी बिहार की रहने वाली प्रकृति ने भारत तिब्बत सीमा पुलिस में जाने का मन बना लिया था, उन्होंने पहले प्रयास में केन्द्रीय सैन्य पुलिस बल में यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा पास की, वे जल्द ही आईटीबीपी में युद्धक भूमिका निभाने वाली पहली महिला अधिकारी बनेगी. ऐसे बहुत से उदाहरण जब महिलाओं ने कुछ अलग करने की ठानीं और वे उसमें सफल भी हुईं. 2016 में ही पहली बार भारतीय एयरफोर्स में तीन महिलाओं -  अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहाना सिंह को फ्लाइंग ऑफिसर्स बनने का अवसर प्राप्त हुआ, तीनों को जल्द ही एअरफोर्स की फ्रंट लाइन फाइटर स्कवाड्रन में शामिल किया जाएगा, अभी तक सिर्फ आस्ट्रेलिया, जर्मनी और इजरायल में ही महिलाओं को युद्ध में भेजा जाता है, अब भारत न...

लक्ष्य से अपना ध्यान न हटायें

   "लक्ष्य से अपना ध्यान न हटायें " कुछ लोग जीवन में बहुत मेहनत करते हैं बावजूद इसके वे जीवन में सफल नहीं हो पाते हैं,इसका क्या कारण है? इसका कारण है जब काफी मेहनत कर चुके होते हैं और फिर भी सफलता हाथ नहीं लगती तब हम निराश और हताश हो जाते  हैं,फिर हम इधर-उधर देखने लगते हैं दूसरे की नकल करने लगते हैं और इस तरह से हम अपना रास्ता और लंबा कर लेते हैं और साथ ही साथ अपने गुणों को भी खो देते हैं,हमेशा ध्यान रखें कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशिष्ट गुण(talent) होता है,बस उसे हमें पहचानना होता है,लेकिन दूसरों की देखा-देखी में हम अपने उन गुणों को पहचान ही नहीं पाते।आप बहुत मेहनत कर चुके हैं, आपने काफी तैयारी भी की होगी, बहुत सी पुस्तके आपने पड़ी होगी फिर आपको निराश होने की जरुरत नही्ं, आपने अब तक जो कुछ भी सीखा है उसका सही उपयोग करके आप सफलता हासिल कर सकते हैं, तो निराशा को पीछे छोड़ आगे बढ़िए। चलिए इसे एक कहानी द्वारा समझते हैं--एक बार स्वामी विवेकानंद के पास एक आदमी आया जो बहुत उदास और परेशान था. उसने विवेकानंद से कहा की मै हर काम मन लगा के पूरी मेहनत के साथ करता हूँ.लेकि...

अपनी आदत बदलें और स्वस्थ रहें

Change Your Life Style for Health. आधुनिक जीवन शैली लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है.  आज की जीवन शैली ऐसी है कि हम स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दे भी नहीं पाते हैं,लेकिन केवल इस कारण से अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करना क्या सही है,नहीं बिल्कुल नहीं, हम जानते है कि स्वास्थ्य ही धन है, फिर स्वास्थ्य के लिए कोई भी कीमत चुकाना बड़ी नहीं हो सकती।                           ऐसे  में लोगों  को  अपने स्वास्थ्य के बारे में पहले हीं सचेत हो जाना चाहिए, इससे पहले कि आपके खानपान या दैनिक जीवन की कोई आदत बाद में महँगी पड़े. अगर आप अभी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तो आपको किसी न किसी बीमारी का सामना करना पड़ेगा. आइए जानते हैं ऐसी कुछ छोटी-छोटी बातें जिनको ध्यान में रखकर आप सदैव स्वस्थ रह सकते हैं -(1) अधिकतर लोग जंक फूड खाना पसंद करते हैं यदि आप जंक फ़ूड का नियमित सेवन करते हैं अभी सावधान हो जाइए क्योंकि जंक फूड के सेवन से शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी आती ह...

किडनी का महत्व समझें

आधुनिक जीवन शैली की व्यस्तता में लोग इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे अपने हेल्थ को भी इग्नोर कर देते हैं।व्यस्तता के कारण लोग बाहर के खाने को ही इंपोर्टेंस देते हैं,क्योंकि वे समझते हैं कि ऐसा करने से उनका कीमती टाइम बचेगा, किन्तु वे इस बात को इग्नोर कर देते हैं कि उनका हेल्थ संकट में पड़ सकता है। मार्केट में मिलने वाले फूडग्रेन में पेसि्टसाइड की कवांटिटी अधिक पाई जा रही हैं और मार्केट में बनने वाले फूड में मिलावट खोरी बढ़ गई है।मिलावटी फूड को खाना सीधे-सीधे अपने हेल्थ के संकट को इनवाइट करना है। क्योंकि मिलावटी फूड खाने और अशुद्ध पानी पीने से किडनी फेल्योर हो जाता है। किडनी फेल हो जाने के बाद व्यक्ति डायलासिस पर डिपेंड हो जाता है। यदि वह डायलासिस करवाता है तभी लाइफ साइकिल आगे बढ़ती है, अन्यथा नहीं।